Saturday, 5 September 2020

उपराष्ट्रपति ने जारी की स्टेट ऑफ़ यंग चाइल्ड इन इंडिया रिपोर्ट

 उपराष्ट्रपति ने जारी की स्टेट ऑफ़ यंग चाइल्ड इन इंडिया रिपोर्ट


उपराष्ट्रपति ने जारी की स्टेट ऑफ़ यंग चाइल्ड इन इंडिया रिपोर्ट
Image Source।Google।Wikipedia 



उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के द्धारा 4 सितम्बर 2020 को 'स्टेट ऑफ़ यंग चाइल्ड इन इंडिया (State of young child in India) नमक रिपोर्ट जारी की गई। यह रिपोर्ट गैर सरकारी संगठन (NGO) मोबाइल क्रेच (Mobile Creches) के तैयार की है। 

इस रिपोर्ट में दो तरह के सूचकांक जारी किये गये है जिनमें भारत के 0 से 6 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण तथा उनके स्वास्थय को प्रभावित करने वाले संज्ञानात्मक प्रयासों को मापा तथा समझने का प्रयास किया गया है। 



  • Young Child Outcome Index
  • Young Child Environment Index

 

 

प्रमुख बिंदु 


 

 Young Child Outcome Index



  • इस रिपोर्ट में 2005-06 तथा 2015-16 के सार्वजानिक डेटा का तुलनात्मक विश्लेषण है। इसमें 0 से 6 वर्ष के बच्चों के स्वास्थय, पोषण तथा संज्ञानात्मक विकास को मापा गया है सूचकांक में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रदेश में केरल तथा सबसे ख़राब प्रदर्शन बिहार ने किया है। 

 

  • रिपोर्ट के मुताबिक बच्चों के स्वास्थयपोषण तथा संज्ञानात्मक विकास में औसत से कम स्कोर वाले आठ राज्यों में  असममेघालयराजस्थानछत्तीसगढ़मध्यप्रदेशझारखण्डउत्तर प्रदेश तथा बिहार हैं। 


Young Child Environment Index



  • इस रिपोर्ट में बच्चों के स्वास्थय को प्रभावित करने वाले उपायों जैसे प्राथमिक स्वास्थय सेवा, शिक्षा का स्तर, गरीबी उन्मूलन, स्वच्छ जल की आपूर्ति को शामिल किया गया है.

  • यंग चाइल्ड एनवायरमेंट इंडेक्स में शीर्ष पांच स्थान पर क्रमशः केरल, गोवा, पंजाब, सिक्किम तथा हिमाचल प्रदेश हैं। रिपोर्ट के मुताबिक जिन राज्यों के द्धारा पहली रिपोर्ट में अच्छा प्रदर्शन किया गया उन्होंने दूसरी रिपोर्ट में भी अच्छा प्रदर्शन किया है।   

Also See-Global Innovation Index-2020



चिंताएं 

 
भारत के 15.9 करोड़ बच्चों में 21 प्रतिशत कुपोषित है तथा जिनमें 36 प्रतिशत कम वजन के हैं तथा 38 प्रतिषशत बच्चों को पूर्ण टिकाकरण उपलब्ध नहीं है। इस रिपोर्ट के मुताबिक से वर्ष के स्केल पर 2005-06 के मुकाबले कुछ सुधार अवश्य हुए है पर वो न काफी हैं।


जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार महिला तथा बाल विकास मंत्रालय के तहत आवंटित धन की राशि दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। बच्चों के पोषण के लिए एकीकृत बाल विकास योजना(ICDS), राष्ट्रिय बाल कार्य योजना, राष्ट्रिय बाल देशभाल जैसी योजनाओं के लिए धन आवंटित की जाता है फिर भी बच्चों के पोषण की कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ है। 








 


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